शेषनाग कालसर्प दोष
भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शेषनाग काल सर्प दोष बारहवां सर्प दोष है | शेषनाग कालसर्प दोष तब प्रदर्शित होता है जब किसी जातक की कुंडली में राहु बारहवें घर में और केतु छठें घर में उपस्थित हो एवं बाकी सारे ग्रह इनके बीच में ही हो |
शेषनाग कालसर्प दोष के असर
जातक की कुंडली में शेषनाग काल सर्प दोष होने पर जातक को अपने जीवन में निम्न परेशानियों का प्रमुख रूप से सामना करना पड़ता है |
- इस दोष में जातक को कई दुर्भाग्यों के सामना करना पड़ता है |
- जातक को जीवन में हर जगह हताशा मिलती है |
- जातकों को जीवन में अक्सर कोई न कोई बीमारी रहती है जिससे जातक को काफी शारीरक पीड़ा उठानी पड़ती है |
- जातक के जीवन में मानसिक अशांति बनी रहती है |
- जातक को अपने जीवन में किसी प्रकार की बदनामी भी सहनी पड़ सकती है | उसे समाज में नीची दृष्टि से भी देखा जा सकता है | इन कारणों से जातक को आत्मग्लानि का भाव भी होता है|
Read Sheshnag Kaal Sarp Dosh Remedies And Effects in English. Click Here
शेषनाग कालसर्प दोष के उपाय
- भगवान विष्णु जी की नियमित रूप से पूजा अर्चना करनी चाहिए |
- जातक गोमद धारण करें |
- जातक मंगलवार प्रातः नागराज मुद्रिका को धारण करे |
- जौ से बनी रोटी को पक्षियों को ३ माह तक खिलाएं |
शेषनाग कालसर्प दोष के जातक क्या न करें
- देर रात न सोएं |
- रात्रि में किसी भी कार्य का शुभारम्भ न करें |
इस दोष का निवारण
कुछ जातकों की विशेषता होती है कि वे थोड़ी सी जानकारी के पश्चात यह खुद निर्णय कर लेते है कि उन्हें क्या करना चाहिए ? हम सब इस बात से भली भाँती विदित है कि हर विषय में राय उस विषय के विद्वान से ही लेनी चाहिए |
इससे दो फायदे होते है एक तो समय भी बचता है और दूसरा समय पर आपको परेशानी का उचित हल भी मिल जाता है | यदि आप भी अपना समय और पैसा बचाना चाहते हो तो आप तुरंत पंडित श्री रविशंकर जी से निशुल्क जानकारी ले सकते है |
जैसा कि हमने बताया की कैसे जातक इस शेषनाग कालसर्प दोष के कुप्रभावों से बचने के लिए अपनी जीवन शैली के अनुसार उपाय कर सकता है | यह बात और है कि भगवान शिव की आराधना करना ही इन उपायों में सर्वोत्तम है |
जातक शिव की आराधना करने हेतु नासिक शहर के समीप स्थित त्रयंबकेश्वर मंदिर में जा सकते है | इस मंदिर में काल सर्प पूजा करने का कारण यह है कि इस मंदिर को ज्योतिष शास्त्रों में काल सर्प पूजा के लिए सर्वोत्तम बताया गया है |
यह मंदिर १३ ज्योतिर्लिंगों में भी शामिल है | इस पूजा से पूर्व आपको अपनी जन्मकुंडली पंडित जी से साझा करके, उनकी राय जाननी चाहिए | यह जयकारी पंडित जी निशुल्क देते है |
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा बुक करे| सम्पर्क +91 7720000702